भारत मां की हम संतान
हम रखेंगे देष का मान
जब भी किसी दुष्मन ने
भारत मां को ललकारा है,,
बांध तिरंगे को मस्तक पे,,
चुन-चुन उसको मारा है,,
है भारत मां तुझे सलाम ,,
बहुत से वीरों ने,,
प्राण अपने गंवाए हैं,,
मातृभूमि की खातिर,,
षीष अपने कटाएं हैं,,
उन पर है हमें अभिमान,,
देष को उंचा उठाने में,
षीष तक अपना कटाने में
जरा भी हिचक नहीं हमें
इज्जत मां की बचाने में
तू कण-कण में है विद्यमान
अपनी गलती के कारण ही,,
तू हर जगह पिट जाएगा,,
मत ललकार हमें तू पाक,,
इस नक्षे से मिट जाएगा,,
तू बचाले रे अपनी जान,,
संदीप भुरटाणियां
स
Tuesday, July 12, 2011
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment