Friday, September 11, 2009

संदीप कंवल भुरटाना

संदीप भुरटाना
मेरे प्यारे साथियो मन्नै जोड-जाड मिलाके यै हरियाणवी गाणे लिखे सै,,,,,या मेरअ् पूरी आस सै के ये गाणे तामनै जरूर पंसद आवंगे --जै किमे गलत हो तो छोटा भाई नै गलती सुधारण का मौका दियो।
संदीप कंवल

बाबा पीर की जय
रूके मार मार बोल,,
बाबा मेरा सै,,

ताउ भी बोल्या मेरा सै,,
ताई भी बोल्यी मेरा सै,,
मैं कहूं बजा के ढोल बाबा मेरा सै,,

ना बाबा हलवा,, ना बाबा भारी,,
लिया ताखडी म्हं रै तोल,, बाबा मेरा सै,,
ना करो रोला,, ना करो झगडा,,
ना मचाओ रापटरोल,, बाबा मेरा सै,,

भक्ता के दुख करणिया,,
सारे जणा का पेटा भरणिया,,
म्हारा पीर बड़ा अणमोल,, बाबा मेरा सै,,

भुरटाणे मैं मन्दिर तेरा,
आडै से बाबा तेरा बसेरा,,
कह संदीप चालो रै बणा के टोल,, बाबा मेरा सै,,

संदीप कंवल

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