चा कै इस दौर म्हं गुदड भी चा मांगैं सै भाइयो, एक छोटा सा गाणा
तारै सामै सै इसपै काॅमेंट जरूर करिया
दुनिया म्हं देख होरी चा चा चा
चा चा चा रै चा चा चा
... देख दुनिया म्हं होरी चा चा चा
सबेरे उठती ए बालक मांगे चा देदे मेरी मां
बूढली भी खाट म्हं कूरलाव चा देदे बेशां
देख दुनिया म्हं होरी चा चा चा
लाडला देवर भी मांगै चा देदे री भाभी
नन्दल भी चा खातर कैंस करै सागी
एक छोटी सी कोपडी खातर सारे मन्नै खां
देख दुनिया म्हं होरी चा चा चा
गुदड म्हं चा पीयां पाछै राजी होज्या जी
गामां म्हं काडा करके चा जावैं पी पी पी
बूढला भी दिन पै पीवै दस बार चा
देख दुनिया म्हं होरी चा चा चा
चाय छोडो भाईयो नहीं बाज जागी बीन
इसमें जहरीला पदार्थ हौवे निकोटिन
संदीप नै आज तै छोडदी या चा चा चा
फेर भी दुनिया म्हं होरी चा चा चा
Monday, January 23, 2012
Thursday, August 11, 2011
BHURTANA
सन्दीप कंवल भुरटाना
गेहूं आले किलां म्हं, सिरसम का पेड़ा न्यारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
पड़ी बछन्टी खेता म्हं, अमरूद खडे़ सै मेढ़ पै,
ला राखै सै सुंडिये, हांडे जीपसी रेड पै,,
बलद चालै रहट पै, चालै पाणी का झलारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
गेहूं की टराली भरी खड़ी, चालण लागरी डरामी,
आम का पेडडा लदा पड़ा, खालै रै छोरे आमी,
एक छोरी खडी सामी, गुठली आम की खारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
ट्यूबवैल पै थ्री फेस कनेक्षन, होरे सैं ठाठ रै,
ना क्याकैं की आडै टेन्षन, कहरा यो जाट रै,
कुए आले कोठडे का, रंगील नजारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
भैसा खातर बो राखी, बरसीम, जई बाजरी,,
ताई भी भैसां गैल्या, लेके डंडा भाजरी,,
पनघट उपर छोरिंया का, लागरा लारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
ढाणी म्हं ब्याह होण लागरा, डीजै पै छारी मस्ती,
हाथ की कढोडी चालै सै, देषी सबतै सस्ती,
कह भुरटाणे आला छोरा, कसूता मजा आरा सै।।
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
गेहूं आले किलां म्हं, सिरसम का पेड़ा न्यारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
पड़ी बछन्टी खेता म्हं, अमरूद खडे़ सै मेढ़ पै,
ला राखै सै सुंडिये, हांडे जीपसी रेड पै,,
बलद चालै रहट पै, चालै पाणी का झलारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
गेहूं की टराली भरी खड़ी, चालण लागरी डरामी,
आम का पेडडा लदा पड़ा, खालै रै छोरे आमी,
एक छोरी खडी सामी, गुठली आम की खारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
ट्यूबवैल पै थ्री फेस कनेक्षन, होरे सैं ठाठ रै,
ना क्याकैं की आडै टेन्षन, कहरा यो जाट रै,
कुए आले कोठडे का, रंगील नजारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
भैसा खातर बो राखी, बरसीम, जई बाजरी,,
ताई भी भैसां गैल्या, लेके डंडा भाजरी,,
पनघट उपर छोरिंया का, लागरा लारा सै,,
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
ढाणी म्हं ब्याह होण लागरा, डीजै पै छारी मस्ती,
हाथ की कढोडी चालै सै, देषी सबतै सस्ती,
कह भुरटाणे आला छोरा, कसूता मजा आरा सै।।
सारे गामां तै आच्छा, गाम म्हारा सै।।
Tuesday, July 12, 2011
SANDEEP KANWAL
पलकै लागैं, उसकी सूरत प्यारी-प्यारी म्हं।
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
पहलंम पहला उसतै मेरी आंख चार होई,
वा भी मेरअ् प्यार म्हं जी, एकैदम बीमार होई,
डाक्टर बणकै नै, काटूं रात सारी म्हं। 1
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
फेर प्यार का खेल बढ़ा, मैं भी घर तै रहूं कढ़ा,
हम माहरै दोनूआं का मेल बढ़ा, मैं भी सूली पै चढ़ा,
रोज घुमाउं, उसनै मोटर लारी म्हं। 2
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
एक दिन खेलण लागरे, हाम दोनूं रेत म्हं,
वा बरसीन काटण लागी, बैठकै नैं खेत म्हं,
फूल से खिलरे, वा बैठी जिस क्यारी म्हं। 3
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
मास्टर जी समझाओ नैं, कुछ तो भेद बताओ नै,
कूकर लिकडूं बाहर इसतै, रस्ता मन्नै दिखाओ नै,
इब ब्याह की तैयारी म्हं। 4
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
पलकै लागै, उसकी सूरत प्यारी-प्यारी म्हं।
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
पहलंम पहला उसतै मेरी आंख चार होई,
वा भी मेरअ् प्यार म्हं जी, एकैदम बीमार होई,
डाक्टर बणकै नै, काटूं रात सारी म्हं। 1
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
फेर प्यार का खेल बढ़ा, मैं भी घर तै रहूं कढ़ा,
हम माहरै दोनूआं का मेल बढ़ा, मैं भी सूली पै चढ़ा,
रोज घुमाउं, उसनै मोटर लारी म्हं। 2
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
एक दिन खेलण लागरे, हाम दोनूं रेत म्हं,
वा बरसीन काटण लागी, बैठकै नैं खेत म्हं,
फूल से खिलरे, वा बैठी जिस क्यारी म्हं। 3
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
मास्टर जी समझाओ नैं, कुछ तो भेद बताओ नै,
कूकर लिकडूं बाहर इसतै, रस्ता मन्नै दिखाओ नै,
इब ब्याह की तैयारी म्हं। 4
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
पलकै लागै, उसकी सूरत प्यारी-प्यारी म्हं।
कसूता फसगा, ओ मास्टर जी इश्क बीमारी म्हं।।
SANDEEP KANWAL BHURTANA
रागनी
कुछ भी तो धरा नहीं, इस दुनियादारी म्हं।
क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
तनै के बेरा ना था, ये छोरी घणी बदमाश हौवें,
प्यार-व्यार के चकरां म्हं, भले घरा के नाश होवें,
रौले झगड़ा म्हं लाग्-लाग् गोली, पड़-पड़ के नै लाश हौवें,
गोली-गोली पै मरअ् आदमी, ना सांसा म्हं सांस हौवें,
गाम-गुवांड म्हं बेइज्जती होज्या, इस गलती म्हारी म्हं।,
क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
पडता तो ना रै भाई, वा देखण लागी सामी,
छौरे नै भी नजर घुमाई, उस रूप सलोनी कानी,
धौरे आकै वा नूं बोली, मेरा नाम सै राणी,
मैं तो भोला रहगा भाई, वा लिकडी घणी स्याणी,
उसनै मेरी एक ना मानी, इस पंचायत सारी म्हं।
़क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
इब तो तेरअ् जचगी होगी, कोना होदां बढिया प्यार,
दो दिन का खेल रचाकै, इज्जत करदी तार-तार,
दर्द तै भीतरला् रौवे, इसी मारी दिल म्हं मार,
जिद तै मैं भी इनतै, खाउ् सूं इतणा खार,
ब्होत घणे जललिए रै, इस छोटी चिंगारी म्हं।
क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
सन्दीप तनै मेरी आंख खोलदी, मेरअ् समझ म्हं आई,
कोनी करू प्यार किसे तै, कसम मन्नै आज खाई,
रास्ते पै तु लाया मन्नै, तु सै पक्का मेरा भाई,
भुरटाणे आले तन्नै मेरी, या नैया पार लगाई,
कंवल तनै रहणा होगा, इस चारदीवारी म्हं।
क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
कुछ भी तो धरा नहीं, इस दुनियादारी म्हं।
क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
तनै के बेरा ना था, ये छोरी घणी बदमाश हौवें,
प्यार-व्यार के चकरां म्हं, भले घरा के नाश होवें,
रौले झगड़ा म्हं लाग्-लाग् गोली, पड़-पड़ के नै लाश हौवें,
गोली-गोली पै मरअ् आदमी, ना सांसा म्हं सांस हौवें,
गाम-गुवांड म्हं बेइज्जती होज्या, इस गलती म्हारी म्हं।,
क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
पडता तो ना रै भाई, वा देखण लागी सामी,
छौरे नै भी नजर घुमाई, उस रूप सलोनी कानी,
धौरे आकै वा नूं बोली, मेरा नाम सै राणी,
मैं तो भोला रहगा भाई, वा लिकडी घणी स्याणी,
उसनै मेरी एक ना मानी, इस पंचायत सारी म्हं।
़क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
इब तो तेरअ् जचगी होगी, कोना होदां बढिया प्यार,
दो दिन का खेल रचाकै, इज्जत करदी तार-तार,
दर्द तै भीतरला् रौवे, इसी मारी दिल म्हं मार,
जिद तै मैं भी इनतै, खाउ् सूं इतणा खार,
ब्होत घणे जललिए रै, इस छोटी चिंगारी म्हं।
क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
सन्दीप तनै मेरी आंख खोलदी, मेरअ् समझ म्हं आई,
कोनी करू प्यार किसे तै, कसम मन्नै आज खाई,
रास्ते पै तु लाया मन्नै, तु सै पक्का मेरा भाई,
भुरटाणे आले तन्नै मेरी, या नैया पार लगाई,
कंवल तनै रहणा होगा, इस चारदीवारी म्हं।
क्यातैं पडग्या रै छोरे, तु इश्क बीमारी म्हं।।
स्ंदीप कंवल भुरटाना
इश्क जाल म्हं फंसगा छौरे, तेरअ् कै काम आवैगा,
तू बोव पेड़ बबूल का, आम कूकर खावैगा,
रोज-रोज तै नए कबाड़ै, कर-कर आवै सै,,
छोटी-छोटी छोरियां तैं क्यूं, आंख मिलावै सै,,
इतणी छोरियां का एकदम बोझ कूकर ठावैगा,
प्रेम की टिकट ले राख्यी तनै, क्यूं होरया सै लेट
अलबाध करा बिना तेरा, कोन्या भरता पेट,
तनै कोण पहुचाव ठेठ, तु नहीं पोंच पावैगा,
लेटर, फोन राख-राख कै, प्रेम जाल म्हं फसरा,
इश्क का कीड़़ा तेरे दिल म्हं, घर बणाके बसरा,
बिना काम मोह म्हं धसरा, काल तनै आकै खावगा,
राह पै आजा बावले क्यूं नित डिगावै सै,
सारे घरकै तनै बड़े, प्यार तै चाहवें सैं,
सन्दीप तनै समझाव सै, लिकड़ा ना जावगा,
इश्क जाल म्हं फंसगा छौरे, तेरअ् कै काम आवैगा,
तू बोव पेड़ बबूल का, आम कूकर खावैगा,
तू बोव पेड़ बबूल का, आम कूकर खावैगा,
रोज-रोज तै नए कबाड़ै, कर-कर आवै सै,,
छोटी-छोटी छोरियां तैं क्यूं, आंख मिलावै सै,,
इतणी छोरियां का एकदम बोझ कूकर ठावैगा,
प्रेम की टिकट ले राख्यी तनै, क्यूं होरया सै लेट
अलबाध करा बिना तेरा, कोन्या भरता पेट,
तनै कोण पहुचाव ठेठ, तु नहीं पोंच पावैगा,
लेटर, फोन राख-राख कै, प्रेम जाल म्हं फसरा,
इश्क का कीड़़ा तेरे दिल म्हं, घर बणाके बसरा,
बिना काम मोह म्हं धसरा, काल तनै आकै खावगा,
राह पै आजा बावले क्यूं नित डिगावै सै,
सारे घरकै तनै बड़े, प्यार तै चाहवें सैं,
सन्दीप तनै समझाव सै, लिकड़ा ना जावगा,
इश्क जाल म्हं फंसगा छौरे, तेरअ् कै काम आवैगा,
तू बोव पेड़ बबूल का, आम कूकर खावैगा,
देशी रंग
देशी रंग
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागरी सानी।
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
दोनूंआ नै नजर मिलाई, छोरी की बाहण भाजी आई,
फेर उसनै एक बात बताई, मां आली घेर कानी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागरी सानी।
छोरा नै आपणे घरां बुलाई, प्यार की बात बतलाई,
धोरे बैठ रोटी खुवाई, गेल्यां लिया ठंडा पाणी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागरी सानी।
दोनूं नुए मिलण लागै, प्यार आले गुल खिलण लागै,
धरती,पेड हिलण लाग्गै, रात थी तूफानी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागी सानी।
सारे घरक्यां की आंख लाग्गी, छोरी घर तै भाजगी,
फेर छोरी की मां जाग्गी, बोली छोरी जाली टैशन कानी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागी सानी।
फेर छोरी नै प्लान बणाई, कठै करांगे ब्याह अर् सगाई,
फेर कोर्ट म्हं अर्जी लाई, छोरी कती ना मानी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागी सानी।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागरी सानी।
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
दोनूंआ नै नजर मिलाई, छोरी की बाहण भाजी आई,
फेर उसनै एक बात बताई, मां आली घेर कानी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागरी सानी।
छोरा नै आपणे घरां बुलाई, प्यार की बात बतलाई,
धोरे बैठ रोटी खुवाई, गेल्यां लिया ठंडा पाणी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागरी सानी।
दोनूं नुए मिलण लागै, प्यार आले गुल खिलण लागै,
धरती,पेड हिलण लाग्गै, रात थी तूफानी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागी सानी।
सारे घरक्यां की आंख लाग्गी, छोरी घर तै भाजगी,
फेर छोरी की मां जाग्गी, बोली छोरी जाली टैशन कानी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागी सानी।
फेर छोरी नै प्लान बणाई, कठै करांगे ब्याह अर् सगाई,
फेर कोर्ट म्हं अर्जी लाई, छोरी कती ना मानी,
आ छोरे नअ् हाथ पकड लिए, देखण लागै सामी।।
सुथरी छोरी, आपणै घेर म्हं, भेवण लागी सानी।
खाग्या हे, खाग्या हे,
खाग्या हे, खाग्या हे,
मेरी बुआ नै खाग्या पीला नाग,
खेत म्हं खाग्या हे।।
भाई-भाभी तनै बुलावै,
तावल करके मिलणा चाहवै,
गोदी म्हं ठाल्ये रै, इलाज कराले रै, मत ना देर लगावै,
इब मेरअ् चढ़ा गहल, भाभी चक्र मन्नै आग्या हे - 1
पीले नाग नै जहर फैलाया,
लीली पड़ग्यी सारी काया,
तांवले संगवाल्यो, ज्यान बचालो, मेरा जी घबराया,
दर्द कसूता होया हाथ म्हं, घणा दुख पाग्या हे- 2
आंख्या तै होई जा आंधी,
तावली सी पटटी बांधी,
ताह्नै के बेरा, के हाल सै मेरा, मैं क्यानै घास लांदी,
बाबा जी दया करो, कुछ तो धीर धरो, चेहरा कति मुरझाग्या हे-3
माहरै घरां दुख का पाला,
सन्दीप भुरटाणे आला,
देर ना लाइये तु, जान बचाइये तु, माहरा भगवान रूखाला,
धर्मपाल मास्टर जी, अर्जी पीर म्हं लाग्या हे- 4
खाग्या हे, खाग्या हे,
मेरी बुआ नै खाग्या पीला नाग,
खेत म्हं खाग्या हे।।
भाई-भाभी तनै बुलावै,
तावल करके मिलणा चाहवै,
गोदी म्हं ठाल्ये रै, इलाज कराले रै, मत ना देर लगावै,
इब मेरअ् चढ़ा गहल, भाभी चक्र मन्नै आग्या हे - 1
पीले नाग नै जहर फैलाया,
लीली पड़ग्यी सारी काया,
तांवले संगवाल्यो, ज्यान बचालो, मेरा जी घबराया,
दर्द कसूता होया हाथ म्हं, घणा दुख पाग्या हे- 2
आंख्या तै होई जा आंधी,
तावली सी पटटी बांधी,
ताह्नै के बेरा, के हाल सै मेरा, मैं क्यानै घास लांदी,
बाबा जी दया करो, कुछ तो धीर धरो, चेहरा कति मुरझाग्या हे-3
माहरै घरां दुख का पाला,
सन्दीप भुरटाणे आला,
देर ना लाइये तु, जान बचाइये तु, माहरा भगवान रूखाला,
धर्मपाल मास्टर जी, अर्जी पीर म्हं लाग्या हे- 4
खाग्या हे, खाग्या हे,
Subscribe to:
Comments (Atom)